आपातकालीन नंबर
कॉल करने के लिए नंबर पर टैप करें। निकलने से पहले 2–3 नंबर फ़ोन में सेव कर लें।
कानूनी मदद
- NALSA मुफ़्त कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100
- ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) — हर ज़िले में मुफ़्त वकील nalsa.gov.in पर खोजें या ज़िला अदालत में पूछें।
मेडिकल
- एम्बुलेंस (गर्भवती/बच्चे) 102
- AIIMS ज़हर नियंत्रण (24×7) 1800-116-117
- रक्त: eRaktKosh पोर्टल eraktkosh.mohfw.gov.in — नज़दीकी ब्लड बैंक और स्टॉक।
बंद मेट्रो स्टेशन
DMRC की घोषणा के अनुसार। दिन भर स्थिति बदलती रहती है — निकलने से पहले DMRC का आधिकारिक अकाउंट ज़रूर देखें।
अभी कोई बंद स्टेशन सूचीबद्ध नहीं।
मौजूदा सूची का आधार: DMRC सूचना, 23 जुलाई 10:25 PM
आधिकारिक स्रोत: X पर @OfficialDMRC
निकलने से पहले — तैयारी
घर पर दस मिनट की तैयारी पूरा दिन सुरक्षित बना देती है।
क्या पहनें
- जितनी हो सके त्वचा ढकें — पूरी बाजू, पूरी पैंट, बंद जूते जिनमें दौड़ सकें।
- कॉन्टैक्ट लेंस नहीं, चश्मा पहनें — आँसू गैस लेंस के नीचे फँस जाती है।
- तेल-आधारित क्रीम, लोशन, सनस्क्रीन और मेकअप न लगाएँ — इनसे गैस त्वचा पर चिपकती है।
- मास्क या गीला रुमाल गैस और धूल से बचाता है; N95 सबसे अच्छा।
- बाल बाँध लें। ढीले दुपट्टे, स्कार्फ़ और गहने न पहनें — पकड़े या फँस सकते हैं।
क्या साथ रखें
- पानी (पीने + आँख धोने के लिए), हल्का नाश्ता, ORS का पैकेट।
- ID, कुछ नकद, फुल चार्ज फ़ोन + पावर बैंक।
- अपनी ज़रूरी दवाएँ (इनहेलर, इंसुलिन आदि) और कुछ बैंड-एड।
- बांह पर लिखे नंबर: परिवार, वकील/NALSA 15100, ब्लड ग्रुप।
- फ़ोन PIN लॉक पर रखें। किसी को अपना प्लान और चेक-इन समय बताएँ। साथी के साथ जाएँ।
आँसू गैस — क्या करें
- घबराएँ नहीं, आँखें न मलें। गैस के बादल से हवा की उल्टी दिशा में और ऊँचाई की ओर हटें।
- आँखें सादे पानी या सलाइन से धोएँ — अंदर के कोने से बाहर की ओर। तेज़ पलकें झपकाएँ — आँसू मदद करते हैं।
- बाहर निकलकर: चेहरा न छुएँ, पहले हाथ धोएँ, बाद में ठंडे पानी से नहाएँ, कपड़े अलग धोएँ।
- साँस की तकलीफ़ ठीक न हो, या अस्थमा वाले को गैस लगे → 108/112 पर कॉल करें।
छोटी चोटें
- कट/खरोंच: साफ़ पानी से धोएँ, साफ़ कपड़े से दबाकर खून रोकें, ढक दें।
- मोच: रुकें, पैर ऊँचा रखें, ठंडी सिकाई करें। “चलते-चलते ठीक हो जाएगा” मत सोचिए।
- गर्मी लगना (चक्कर, ऐंठन): छाँव में जाएँ, घूँट-घूँट पानी/ORS, कपड़े ढीले करें।
- सिर की चोट, सीने में दर्द, ज़्यादा खून, साँस की दिक्कत → तुरंत 108/112। इंतज़ार न करें।
अगर इंटरनेट बंद हो जाए
शटडाउन और स्लो नेट होते रहते हैं। घर से निकलने से पहले तैयारी करें।
- निकलने से पहले Bitchat इंस्टॉल करें — मैसेज Bluetooth से फ़ोन-से-फ़ोन जाते हैं, इंटरनेट की ज़रूरत नहीं। यह तभी चलता है जब आस-पास के लोगों के पास भी हो, इसलिए पूरे ग्रुप से इंस्टॉल करवाएँ।
- इलाक़े के ऑफ़लाइन नक्शे डाउनलोड करें (Google Maps → प्रोफ़ाइल → Offline maps)।
- इस साइट के ज़रूरी हिस्सों के स्क्रीनशॉट लें — नंबर, अधिकार, क्या कहना है।
- डेटा बंद होने पर भी सादा SMS अक्सर चलता है — परिवार से SMS चेक-इन का समय तय करें।
- पावर बैंक रखें। Bluetooth mesh और कमज़ोर सिग्नल, दोनों बैटरी जल्दी खाते हैं।
Bitchat यहाँ से लें (आधिकारिक): bitchat.free — ऐप स्टोर पर नकली कॉपियों से सावधान; इसी लिंक से लें।
आपके अधिकार
संविधान और BNSS 2023 के अनुसार। छोटा, सरल — और भारत में सबके लिए सच।
सामग्री आख़िरी बार जांची गई: 24 जुलाई 2026
शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार है
संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a)–(b) बिना हथियार शांतिपूर्ण सभा की रक्षा करता है। राज्य उचित प्रतिबंध लगा सकता है (जैसे BNSS धारा 163 — पुरानी “धारा 144”), पर शांतिपूर्ण असहमति पर ही रोक नहीं लगा सकता।
गिरफ़्तारी का कारण बताना ज़रूरी है
पुलिस को गिरफ़्तारी के पूरे आधार बताने होंगे (BNSS §47, अनुच्छेद 22)। साफ़ पूछिए: “अपराध क्या है? कौन सी धारा?” अरेस्ट मेमो बनाना ज़रूरी है — गवाह और आपके हस्ताक्षर, तारीख़ और समय के साथ।
परिजन को सूचना + वकील का अधिकार
पुलिस को आपकी बताई किसी रिश्तेदार/मित्र को गिरफ़्तारी और जगह की सूचना देनी होगी (BNSS §48)। पूछताछ के दौरान अपनी पसंद के वकील से मिल सकते हैं (BNSS §38)। वकील का खर्च न उठा सकें तो मुफ़्त कानूनी सहायता आपका अधिकार है (अनुच्छेद 39A — 15100 पर कॉल करें)।
24 घंटे का नियम
गिरफ़्तारी के 24 घंटे के भीतर (यात्रा समय छोड़कर) मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है (BNSS §58, अनुच्छेद 22)। इसके बिना आगे हिरासत गैरकानूनी है।
महिलाओं के लिए सुरक्षा
सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले महिला की गिरफ़्तारी नहीं — सिवाय असाधारण स्थिति में मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति से (BNSS §43(5))। महिला की तलाशी सिर्फ़ महिला अधिकारी करेगी। मेडिकल जांच महिला डॉक्टर द्वारा/की निगरानी में ही।
BNSS धारा 163 (“धारा 144”) आदेश
यह किसी क्षेत्र में सीमित समय के लिए (आम तौर पर) 4+ लोगों के जमावड़े पर रोक लगाता है। वैध आदेश का उल्लंघन अपराध है — इकट्ठा होने से पहले जांचें कि आपके इलाक़े में आदेश लागू है या नहीं। भीड़ हटाने से पहले साफ़ चेतावनी ज़रूरी है।
छोटे अपराधों में गिरफ़्तारी की जगह नोटिस
7 साल से कम सज़ा वाले अपराधों में पुलिस को सामान्यतः गिरफ़्तारी की जगह पेश होने का नोटिस देना चाहिए (BNSS §35(3)), जब तक गिरफ़्तारी का लिखित कारण न हो। नोटिस मिले तो — पालन करें, असहमति वाली चीज़ पर हस्ताक्षर न करें, उसकी फ़ोटो लें।
पुलिस क्या कर सकती है / क्या नहीं
- नाम-पता पूछ सकती है; कुछ स्थितियों में मना करने पर रोक सकती है
- चेतावनी के बाद, न्यूनतम बल से गैरकानूनी जमावड़ा हटा सकती है
- संज्ञेय अपराध में बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- गिरफ़्तारी पर तलाशी ले सकती है (महिला की तलाशी महिला ही)
- अपराध के सबूत वाली चीज़ें ज़ब्त कर सकती है
- गिरफ़्तारी का कारण बताने से इनकार नहीं कर सकती
- परिवार को सूचना और वकील से मिलने से नहीं रोक सकती
- मजिस्ट्रेट के बिना 24 घंटे से ज़्यादा हिरासत में नहीं रख सकती
- हिरासत में मारपीट/यातना — कभी नहीं (यह अपराध है)
- मजिस्ट्रेट की अनुमति बिना रात में महिला को गिरफ़्तार नहीं कर सकती
- कानूनी प्रक्रिया के बिना फ़ोन ज़ब्त नहीं कर सकती, न मौक़े पर अनलॉक करने को मजबूर कर सकती है
अगर आपको हिरासत में लिया जाए
शांत रहें। शारीरिक विरोध न करें। ये पंक्तियाँ बोलें:
- “अपराध क्या है, कौन सी धारा? आधार जानना मेरा अधिकार है।” (BNSS §47)
- “कृपया मेरे परिवार/मित्र को सूचित करें — यह नंबर है।” (BNSS §48)
- “मुझे वकील से बात करनी है। तब तक मैं सवालों के जवाब नहीं दूँगा/दूँगी।” (BNSS §38)
- “मैं अपने फ़ोन की तलाशी की सहमति नहीं देता/देती।”
- “मुझे अरेस्ट मेमो और मेडिकल जांच चाहिए।”
- अधिकारी का नाम और बकल/ID नंबर, थाना नोट करें
- 2 फ़ोन नंबर याद रखें — फ़ोन ले लिए जाते हैं
- सिर्फ़ वही साइन करें जो पढ़ा हो और सहमत हों; मजबूर करें तो “विरोध सहित हस्ताक्षर” लिखें
- चोट लगी हो तो मेडिकल जांच माँगें और चोटें दर्ज कराएँ
- वकील के आने तक घटना पर कुछ न कहें — यह आपका अधिकार है, बाधा नहीं
निकलने से पहले अपनी बांह पर लिखें:
- परिवार के किसी सदस्य का नंबर
- वकील / NALSA 15100
- अपना ब्लड ग्रुप
शिकायत कैसे दर्ज करें
अगर आपके अधिकारों का उल्लंघन हुआ — पुलिस दुर्व्यवहार, गैरकानूनी हिरासत, हिरासत में चोट।
सामग्री आख़िरी बार जांची गई: 24 जुलाई 2026
1. FIR / ज़ीरो FIR
किसी भी संज्ञेय अपराध की FIR कोई भी थाना दर्ज करेगा — क्षेत्राधिकार से बाहर भी (“ज़ीरो FIR”, BNSS §173)। कई राज्यों में ई-फाइलिंग भी है। दर्ज करने से इनकार खुद दंडनीय है; लिखित में SP को भेजें (BNSS §173(4))।
2. पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत
SP / DCP / कमिश्नर और राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को लिखें। शामिल करें: तारीख़, समय, जगह, अधिकारी का नाम/ID, गवाह, चोटें, और पूरी घटना। मोहर लगी प्रति अपने पास रखें।
3. मानवाधिकार आयोग
NHRC में ऑनलाइन hrcnet.nic.in पर (या डाक से: NHRC, मानव अधिकार भवन, INA, नई दिल्ली 110023), या अपने राज्य मानवाधिकार आयोग में। मुफ़्त, वकील ज़रूरी नहीं।
4. मजिस्ट्रेट
पुलिस कार्रवाई न करे तो मजिस्ट्रेट आपकी शिकायत पर जांच का आदेश दे सकते हैं (BNSS §175(3))। गैरकानूनी हिरासत में वकील हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus) दायर कर सकता है — मुफ़्त मदद के लिए DLSA से संपर्क करें।
कॉपी-पेस्ट टेम्पलेट (खाली जगह भरें):
सेवा में: पुलिस अधीक्षक / आयुक्त, ____ विषय: [तारीख़] को पुलिस दुर्व्यवहार की शिकायत मैं, [नाम], निवासी [पता], कहता/कहती हूँ कि [तारीख़] को लगभग [समय] बजे [जगह] पर अधिकारी [नाम/ID अगर पता हो, अन्यथा विवरण] ने [क्या हुआ: बिना आधार हिरासत / बल प्रयोग / FIR दर्ज करने से इनकार / फ़ोन ज़ब्ती]। गवाह: [नाम/संपर्क]। चोटें/सबूत: [मेडिकल रिकॉर्ड, फ़ोटो, वीडियो]। मैं FIR दर्ज करने, प्राप्ति मोहर के साथ इस शिकायत की प्रति, और कानूनन कार्रवाई की माँग करता/करती हूँ। तारीख़: ____ हस्ताक्षर: ____ संपर्क: ____
सत्यापित मदद
वकील, डॉक्टर और संस्थाएँ जिन्होंने स्वेच्छा से नाम दिया और जिन्हें हमने सत्यापित किया। नीचे हर प्रविष्टि इंसान द्वारा जांची गई है।
अभी कोई सत्यापित सहायक सूचीबद्ध नहीं। जल्द देखें — या नीचे आवेदन करने वाले पहले व्यक्ति बनें।
मदद करना चाहते हैं? यहाँ आवेदन करें
वकील, डॉक्टर, मेडिक और संस्थाएँ: सूची में आने के लिए पंजीकरण करें। सार्वजनिक दिखने से पहले हर आवेदन की मानवीय समीक्षा होती है।
आवाज़ बढ़ाइए
शेयर करने लायक़ कार्ड बनाइए — अफ़वाह नहीं, अधिकार फैलाइए।